[24] भारत में महिला सशक्तिकरण: एक परिप्रेक्ष्य
How to Cite : दानिश मसूद (2025). भारत में महिला सशक्तिकरण: एक परिप्रेक्ष्य. International Journal of Multidisciplinary Research & Reviews. 4(1), 222-230. https://doi.org/10.56815/ijmrr.v4i1.2025.222-230
Abstract
वर्तमान युग के परिप्रेक्ष्य में बात करें तो महिला सशक्तिकरण एक ज्वलंत मुद्दा है। महिला सशक्तिकरण एक ऐसी बहुआयामी विचारधारा है, जिसमें राष्ट्र के विकास हेतु महिलाओं की भागीदारी व योगदान को मुख्यधारा से जोड़ना है। कोई भी राष्ट्र तब तक प्रगति के पथ पर आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक कि महिलाओं को पर्याप्त सम्मान व पद प्रदान न किया जाये। किसी भी विकासशील देश के लिये तो यह अत्यन्त आवश्यक प्रतीत होता है, क्योंकि जहाँ की आधी आबादी ही महिला हो यदि वहाँ पर उनके योगदान को सराहा न जाए, साथ ही उनके लिए विकास के अवसर सृजित न किए जाएँ तो ऐसे राष्ट्र के विकास की कल्पना करना एक स्वप्न देखने के तुल्य है।













