[9] महिला जनसंख्या का क्षेत्रीय विकास में भूमिका पूर्वी चम्पारण जिला के संदर्भ में
How to Cite : Chandra Mohan Kumar & Pramod Kumar (2026). महिला जनसंख्या का क्षेत्रीय विकास में भूमिका पूर्वी चम्पारण जिला के संदर्भ में. International Journal of Multidisciplinary Research & Reviews, 5(8),83-96. https://doi.org/10.56815/ijmrr.v5i8.2026.83-96
Abstract
महिला जनसंख्या किसी भी क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास की आधारशिला मानी जाती है। वर्तमान समय में क्षेत्रीय विकास की अवधारणा केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें मानव विकास, सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता, पर्यावरणीय संरक्षण तथा सतत विकास जैसे आयाम भी सम्मिलित हो गए हैं। इस संदर्भ में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे परिवार, समाज तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख संचालक होती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएँ कृषि, पशुपालन, लघु एवं कुटीर उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा सामाजिक विकास में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देती है। पूर्वी चंपारण बिहार का एक प्रमुख कृषि प्रधान जिला है, जहाँ अधिकांश जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। जिले की महिलाएँ कृषि कार्यों, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, घरेलू उद्योग, स्वयं सहायता समूहों, पंचायत राज संस्थाओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से क्षेत्रीय विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें अशिक्षा, बेरोजगारी, संसाधनों तक सीमित पहुँच, आर्थिक निर्भरता, सामाजिक रूढ़िवादिता तथा लैंगिक असमानता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह अध्ययन पूर्वी चम्पारण जिले में महिला जनसंख्या की क्षेत्रीय विकास में भूमिका का भौगोलिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन का उद्देश्य महिलाओं की विकासात्मकभागीदारी, उनके योगदान, चुनौतियों तथा क्षेत्रीय विकास पर उनके प्रभाव का विश्लेषण करना है।













