[11] विभाजन का भारतीय समाज पर प्रभाव : एक समाजशास्त्रीय विश्लेषण
How to Cite : प्रशांत कुमार (2026). विभाजन का भारतीय समाज पर प्रभाव : एक समाजशास्त्रीय विश्लेषण. International Journal of Multidisciplinary Research & Reviews, 5(8),109-114. https://doi.org/10.56815/ijmrr.v5i8.2026.109-114
Abstract
यह लेख ब्रिटिश साम्राज्यवाद से आजादी के एक ... कार्य के बजाय हिंसक विभाजन के संदर्भ में भारतीय समाज पर क्या असर पड़ा, इसका विश्लेषण करता है। ब्रिटिश-भारत के दो संघटक राज्यों, भारत और पाकिस्तान (जिसके पश्चिमी और पूर्वी भाग थे), में बंटवारे से कई आकस्मिक परिवर्तन आए। लाखों जानें गईं, कईयों की जिंदगियाँ पलक झपकते बदल गईं, शहर बदले, भारत बदला, एक नए देश का उदय हुआ और ऐसा जनसंहार, हिंसा एवं विस्थापन हुआ जिसका इतिहास में पहले कोई उदाहरण न था। भारत का विभाजन विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक कारकों का परिणाम था। भारत को स्वतंत्रता देने का ब्रिटिश सरकार का निर्णय बढ़ते राष्ट्रवादी आंदोलन और भारतीय लोगों के स्व-शासन













