IJMRR - International Journal of Multidisciplinary Research & Reviews
Int. J. Multidiscip. Res. Rev.
DOI Prefix: 10.56815
I J M R R
Int. J. Multidiscip. Res. Rev.

International Journal of Multidisciplinary Research & Reviews

Peer Reviewed | UGC Compliant | High Impact Factor | Scientific Journal

ISSN: 2945-3135 | High Scientific Impact | UGC-CARE Followed
IJMRR - International Journal of Multidisciplinary Research & Reviews

International Journal of Multidisciplinary Research & Reviews

DOI DOI Prefix: 10.56815
Vol. 5 (2026) No. 4: April (2026)

धार्मिक परिवर्तन और सामाजिक संबंधों का पुनर्संरचना: नव बौद्ध दलितों के वैवाहिक एवं सामुदायिक व्यवहार का अध्ययन

विनय शील, प्रो० विश्वनाथ मिश्रा

यह शोध-पत्र भारत में दलितों के धार्मिक परिवर्तन, विशेषतः डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा प्रेरित नव-बौद्ध आंदोलन, के संदर्भ में वैवाहिक और सामुदायिक संबंधों की पुनर्संरचना का समाजशास्त्रीय अध्ययन प्रस्तुत करता है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि हिंदू जाति-व्यवस्था से वैचारिक और धार्मिक विच्छेद के रूप में बौद्ध धर्म ग्रहण करने से दलित समुदायों के विवाह, रिश्तेदारी, सामुदायिक एकजुटता, लैंगिक भूमिकाओं और सांस्कृतिक प्रतीकों में किस प्रकार परिवर्तन आया। शोध की पद्धति गुणात्मक-व्याख्यात्मक है, जिसमें ऐतिहासिक ग्रंथों, एथ्नोग्राफिक अध्ययनों, जीवन-कथाओं, नीतिगत दस्तावेजों और प्रकाशित शोध-सामग्री का थीमैटिक विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि नव-बौद्ध धर्मांतरण केवल धार्मिक पहचान का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह अपमानजनक जाति-नियत सामाजिक संबंधों के विरुद्ध सम्मान, समानता और सामूहिक गरिमा पर आधारित वैकल्पिक सामाजिकता के निर्माण का प्रयास है। तथापि, विवाह-संबंधों, पारिवारिक पितृसत्ता, जाति-चिह्नित रिश्तेदारी और राज्य की आरक्षण-व्यवस्था जैसी संस्थागत शक्तियाँ इस परिवर्तन को आंशिक और जटिल बनाती हैं। निष्कर्षतः, नव-बौद्ध दलितों के बीच सामाजिक संबंधों का पुनर्गठन एक रैखिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रतिरोध, अनुकूलन और पुनर्संयोजन की बहुस्तरीय प्रक्रिया है।

Keywords:
नव-बौद्ध दलित धार्मिक परिवर्तन विवाह सामुदायिक संबंध आंबेडकरवाद