सोशल मीडिया के उपयोग से युवाओं में बढ़ता सामाजिक-सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों का ह्यस: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन
वर्तमान प्रौद्योगिक युग में जहां एक ओर सोशल मीडिया उपयोग से संपूर्ण विश्व का भ्रमण (आभासी रूप से) एक स्थान पर विद्यमान होकर किया जा सकता है, वहीं दूसरी ओर इससे पारंपरिक संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों का पतन भी हो रहा है। खासकर युवाओं में संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों के प्रति कमी का होना एक गंभीर चिंता का विषय हैं। शोध पत्र में इन्हीं विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया हैं। अध्ययन हेतु उत्तराखण्ड राज्य के कुमाऊँ मण्डल के नैनीताल जपनद के दो सबसे बड़े महाविद्यालय, छात्र संख्या के आधार पर चयनित किये गये। मोतीराम बाबूराम राजकीय स्नातकोत्तर माहाविद्यालय हल्द्वानी, नैनीताल एवं प्यारेलाल नन्दकिशोर गलवलिया राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर, नैनीताल के छात्रों को अध्ययन में सम्मिलित किया गया है। तथा साक्षात्कार अनुसूची के माध्यम से इन्हीं महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों उत्तरदाताओं से सूचनाएं एकत्र की गई। अध्ययन का उद्देश्य युवाओं में घटते नैतिक मूल्यों का स्तर और सांस्कृतिक परिवेश में हो रहे परिवर्तनों में सोशल मीडिया की भूमिका का अध्ययन किया गया। अध्ययन से स्पष्ट है कि बढ़ते सोशल मीडिया उपयोग से युवाओं के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों में परिवर्तन और उनका हास हो रहा हैं।