भारत में महिला सशक्तिकरण: एक परिप्रेक्ष्य
वर्तमान युग के परिप्रेक्ष्य में बात करें तो महिला सशक्तिकरण एक ज्वलंत मुद्दा है। महिला सशक्तिकरण एक ऐसी बहुआयामी विचारधारा है, जिसमें राष्ट्र के विकास हेतु महिलाओं की भागीदारी व योगदान को मुख्यधारा से जोड़ना है। कोई भी राष्ट्र तब तक प्रगति के पथ पर आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक कि महिलाओं को पर्याप्त सम्मान व पद प्रदान न किया जाये। किसी भी विकासशील देश के लिये तो यह अत्यन्त आवश्यक प्रतीत होता है, क्योंकि जहाँ की आधी आबादी ही महिला हो यदि वहाँ पर उनके योगदान को सराहा न जाए, साथ ही उनके लिए विकास के अवसर सृजित न किए जाएँ तो ऐसे राष्ट्र के विकास की कल्पना करना एक स्वप्न देखने के तुल्य है।